आज के मुसलमानों के हालात (पार्ट-2)
कहते हैं एक बार एक शिकारी जंगल से तीतर पकड़ के लाता है और उसे अपने घर में एक अलग पिंजरे में रखता है, और खूब काजू, किशमिश, बादाम खिलाता है,
जब तीतर बड़ा हो जाता है तो उसे पिंजरे के साथ जंगल में लेके जाता है,
वहां जाल बिछाता है और तीतर को वहीं पिंजरे में रखकर खुद झाड़ी के पीछे छुप जाता है और तीतर से बोलता है कि "बोल बेटा बोल"... तीतर अपने मालिक की आवाज़ सुनकर जोर जोर से चिल्लाता है..
उसकी आवाज सुनकर जंगल के सारे तीतर (ये सोच कर कि अपने कौम का है जरूर किसी परेशानी में है, चलो मदद करते हैं) खिंचे चले आते है और शिकारी के बिछाए हुवे जाल में फंस जाते हैं..,
शिकारी मुस्कुराते हुए आता है और पालतू तीतर को अलग और पकड़े गए सारे तीतर को अलग झोले में डालकर घर लाता है...
फिर अपने पालतू तीतर के सामने पकड़े गए सब तीतरों को एक एक कर के काटता है, मगर पालतू तीतर उफ्फ तक नहीं करता... उसे अपने हिस्से की खुराक किशमिश काजू बादाम जो मिल रहा था..!!
कमोबेश यही हालत आज के मुसलमानों की भी हो गई है,
शिकारी ने ना जाने कितने ऐसे तीतर पाल रखे हैं, जिनकी वजह से कौम दुश्मन के जाल में फंसती है, और ये क/टता हुआ देखते है मगर उफ्फ तक नहीं करते, क्युकी उनको उनके हिस्से की खुराक मिल जाती है..!!
अब नजर डालिए तथाकथित सेक्युलर पार्टियों के मुस्लिम नेताओं पे...👇
👉 सपा में कितने मुस्लिम विधायक और सांसद थे जब मुजफ्फरनगर दंगा हुआ था, सबने सिर्फ तमाशा देखा और कौम क/टती रही..😥
👉 कांग्रेस में कितने विधायक और संसद थे 1992 और 2002 में लेकिन वो भी सिर्फ तमाशबीन बने रहे और मस्जिद शहीद कर दी गई और गुजरात नरसंहार हुआ और उन्हें कोई इंसाफ तक नहीं मिला..!!😥
👉 यहीं हाल नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की है वोट मुस्लिमो का लेके बीजेपी के गोद में बैठ गए लोकसभा और राज्यसभा में CAA का समर्थन किए, जितने भी मुस्लिम संसद थे बस जम्हूरा बन के रह गए, नीतीश ने कहा खेल दिखा और नाचते रहे..!!
👉 आरजेडी के मुस्लिम विधायक और सांसद कहां है जब रोज़ बिहार में मुस्लिमो कि लिंंचिंग हो रही है, इलेक्शन के वक़्त यहीं मसीहा बन के सामने आ जाएंगे..!!
👉 दिल्ली दंगा तो अभी कुछ दिन पहले ही हुआ है उसमे भी बहुत सारे विधायक मुस्लिम है क्या किया सबने आपके सामने है..उल्टा केजरीवाल ने ताहिर का हाथ छोड़ दिया और उन्हें बली का बकरा बना दिया गया..!!
👉 बीजेपी का तो सबको पता है, दो नामी तीतर पाल के रखे गए हैं जिनको कुछ शिया भाई अपने कौम का समझकर जाल में फंसते रहते है..और भी कुछ तीतर है बीजेपी में जिनकी वजह से तमाम मुसलमान जाल में फंसते रहते है..!!
और भी पार्टियां है जो सेक्युलर होने का दावा करती हैं लेकिन जब मुस्लिमों की #गिरफ्तारी होती है, #नरसंहार होता है, #लिंचिग होती है तो इन सबके मुंह में दही जम जाती है..!!
चलो दूर नहीं जाते अभी #ईद_उल_अजहा के मौके पर सरकार ने एक तरफा लॉकडॉउन लगा दिया जबकि इसी जुलाई में हिन्दुओं के तमाम त्योहार मनाए गए और सरकारें गिराई और बनाई गई, पूरी छूट के साथ और आने वाले 5 अगस्त तो भूमिपूजन भी होना है राम मंदिर का..!!
इस पर कितनी सेक्युलर पार्टियां आवाज उठा रही हैं?
सोचिए,🤔
जवाब नहीं मिलेगा क्युकी इलेक्शन के वक़्त उनके तीतर काम आएंगे और फिर से आप अपनी कौम का समझ कर जाल में फस जाएंगे..!!
इसलिए अब सतर्क हो जाइए और अपने वोट की कीमत को समझिए और उन लोगों को विधानसभा और संसद में भेजिए जो आपके मुद्दों कि बात करे जो आपके दुख सुख में आपके साथ खड़ा हो, जो आपके हक की लड़ाई संसद और विधानसभा में लड़े..!!
ख़ैर मेरे नजर में एक ही पार्टी है जो हमारे हक की लड़ाई जमीन से लेकर संसद तक लड़ रही है और लड़ेगी..!!
आप भी सोचिए समझिए और साथ आइए क्यूंकि जो कौम खुद को बदलने की कोशिश नहीं करती अल्लाह पाक भी उसे उसके हाल पे छोड़ देते हैं..!!
नोट- इस आर्टिकल के द्वारा किसी की भावना को ठेस पहुंचाना मेरे उद्देश्य नहीं है बल्कि नौजवानों को सच्चाई से रूबरू करवाना है..!!
अगर कोई गलती हुई हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि आगे से सुधार किया जा सके..
शुक्रिया...🤗
✍️ दाऊद खान ( @DaudKhan3283 )

You are right 100%
ReplyDeleteदाऊद भाई, आपने सही कहा है।
ReplyDeleteये कौम है ये मुर्दा होगई है।
इनको आपस में लड़ने से फुर्सत नहीं है।
चाहे कोई भी सरकार रही हो, मुस्लिमों के खिलाफ़ रही।
इसकी सबसे बड़ी वजह हमने अपने हल्के के लिए जहां पॉसिबल था मुस्लिम रहबर को चुना मगर उसने अपना रहबर किसी सो कॉल्ड सेकुलर पार्टी को चुना।
हम ठगे जाते हैं हर बार, और हर बार उम्मीद लगाते हैं।
हमको कोई अपना रहबर अपने से बनाना होगा, ये देखना होगा के वो कहीं किसी गैर को तो नहीं सपोर्ट कर रहा है ।
अपने सच्चाई लिखी है, सब बहुत हदतक जानते हैं मगर मानता कौन हैं।
अल्लाह हम सब को हिदायत दे।
और आप ऐसे ही लिखते रहें।
@Faisalimam_1
100% सच बात आपने रखा है भाई
ReplyDeleteU r right
ReplyDeleteमाशा अल्लाह दाऊद भाई आपने बहुत ही उम्दा और सलीक़े से लिखा है
ReplyDeleteसच तो ये है कि हम अपनी क़ीमत और हक़ीक़त भूल गए, हमने ख़ुद को बुज़दिल और कमज़ोर समझा और बनाया जिसका नतीजा ये हुआ कि इन सेक्युलर और सियासी भेड़ियों ने हमारा ग़लत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और हमें तेजपत्ता समझा जिसके चलते हमने कभी भी ऊपर उठने और संभलने का सोचा ही नहीं जिसकी वजह ये रही कि ये सेक्युलर पार्टी वाले शुरू से अब तक हमारे दिमाग़ों में यही भरते रहे कि तुम महज़ वोट बैंक और तेजपत्ते हो सियासत और हिन्दुस्तानी हुक़ूक़ में तुम्हारा कोई हिस्सा नहीं है!
मगर अब वक़्त है कि अपनी क़यादत को मज़बूत किया जाए और अपना हक़ छीन के लिया जाए लेकिन ये काम अकेले मुमकिन नहीं इसके लिए एक सियासी रहनुमा और रहबर चाहिए जो हमारी रहनुमाई करे और हमारे हक़ की आवाज़ ज़मीन से लेकर संसद तक ले जाए और इस काम के लिए मेरी नज़र में असदुद्दीन ओवैसी साहब जैसा क़ाबिल, सच्चा, ईमानदार, और नेक दिल नेता कोई नहीं इस लिए नौजवान अपनी और अपने वोट की क़ीमत को समझे और अपनी क़यादत को मज़बूत करे!
मेरे अपने ख़्याल मेरी अपनी ✍️ से
मोहम्मद मारूफ़
दाऊद भाई आपका लेख बहुत ही अच्छा और सच्चा है अल्लाह आपको हमेशा ख़ुश रखे और ख़ूब कामियाबी और तरक़्क़ी अता करे , अल्लाह आपके क़लम की ताक़त में मज़ीद इज़ाफ़ा फरमाए आमीन सुम्मा आमीन 🤲🤲
माशा अल्लाह दाऊद भाई आपने बहुत ही उम्दा और सलीक़े से लिखा है
ReplyDeleteसच तो ये है कि हम अपनी क़ीमत और हक़ीक़त भूल गए, हमने ख़ुद को बुज़दिल और कमज़ोर समझा और बनाया जिसका नतीजा ये हुआ कि इन सेक्युलर और सियासी भेड़ियों ने हमारा ग़लत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और हमें तेजपत्ता समझा जिसके चलते हमने कभी भी ऊपर उठने और संभलने का सोचा ही नहीं जिसकी वजह ये रही कि ये सेक्युलर पार्टी वाले शुरू से अब तक हमारे दिमाग़ों में यही भरते रहे कि तुम महज़ वोट बैंक और तेजपत्ते हो सियासत और हिन्दुस्तानी हुक़ूक़ में तुम्हारा कोई हिस्सा नहीं है!
मगर अब वक़्त है कि अपनी क़यादत को मज़बूत किया जाए और अपना हक़ छीन के लिया जाए लेकिन ये काम अकेले मुमकिन नहीं इसके लिए एक सियासी रहनुमा और रहबर चाहिए जो हमारी रहनुमाई करे और हमारे हक़ की आवाज़ ज़मीन से लेकर संसद तक ले जाए और इस काम के लिए मेरी नज़र में असदुद्दीन ओवैसी साहब जैसा क़ाबिल, सच्चा, ईमानदार, और नेक दिल नेता कोई नहीं इस लिए नौजवान अपनी और अपने वोट की क़ीमत को समझे और अपनी क़यादत को मज़बूत करे!
मेरे अपने ख़्याल मेरी अपनी ✍️ से
मोहम्मद मारूफ़
दाऊद भाई आपका लेख बहुत ही अच्छा और सच्चा है अल्लाह आपको हमेशा ख़ुश रखे और ख़ूब कामियाबी और तरक़्क़ी अता करे , अल्लाह आपके क़लम की ताक़त में मज़ीद इज़ाफ़ा फरमाए आमीन सुम्मा आमीन 🤲🤲
सही लिखा आपने।तल्ख हक़ीक़त है ।
ReplyDeleteपर इसका इल्ज़ाम आम मुसलमानों और सियासी रहबरों से ज़्यादा उन आलिमो का है जो जो बिकाव है।
उनको सिक्के दो वो पार्टी का प्रचार करेंगे और गांव देहात में एक बड़ी आबादी मुस्लिमो की ऐसे आलिमो के मकड़जाल में फंसी हुई है।
Only All India Majlis e Ittehadul Muslimeen(AIMIM)
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