जब वर्दी वाला करने लगे भेद भाव !!
दिल्ली पुलिस के तौर तरीके को देखते हुए दिल में कही सवाल उठते है!! 1) CAA/NRC के खिलाफ प्रोटेस्ट दिल्ली में हो रहे थे उस वक़्त JNU , जामिआ और काफी अलग अलग यूनिवर्सिटीज में प्रोटेस्ट हुए. जब JNU में कुछ गुंडे घुस कर यूनिवर्सिटी और बच्चो का नुक्सान करते है उस वक़्त दिल्ली पुलिस यूनिवर्सिटी के बाहर खड़ी रहती है और जब उनसे इसकी वजह पूछी जाती है की वह बाहर क्यों खड़े थे तोह उनका कहना होता है की पुलिस वाईस चांसलर की इजाज़त के बिना अंदर नहीं आ सकती. जब प्रदर्शन जामिआ मिल्लीअ यूनिवर्सिटी में होता है उस वक़्त पुलिस प्रदर्शन करने वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी में घुस कर मारती है जिसके सबूत हम सबने सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल्स पर देखे है. अब सवाल यह उठता है की जहाँ JNU में गुंडे घुसे हुए थे वह पुलिस अंदर गयी नहीं और जामिया मिल्लीअ में प्रदर्शन करते छात्रों को पीटने पुलिस अंदर चली गयी 2) दिल्ली दंगों के बाद पुलिस ने इन्वेस्टीगेशन शुरू किया जिसमे काफी लोगों की गिरफ्तारियां शुरू हुई.गिरफ्तार हुए छात्र और एक्टिविस्ट पर पुलिस ने UAPA लगाना शुरू किया.पुलिस की गिरफ्तारी एक तरफ़ा रही ...